Upbhokta Vyavhar ka Siddhant Class 12

Upbhokta Vyavhar ka Siddhant

उपभोक्ता के व्यवहार का सिद्धांत
व्यष्टि अर्थशास्त्र अध्यया- 2


महत्वपूर्ण बिंदु (Upbhokta Vyavhar ka Siddhant)

👉उपभोक्ता: वह आर्थिक एजेंट है जो अपने आवश्यकताओं के पूर्ति हेतु अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का उपभोग करता है।
👉उपयोगिता: यह वस्तु में छुपी एक गुण है जो मानव की आवश्यक्ताओं को संतुष्ट करता है।
👉कुल उपयोगिता: एक निश्चित समय में वस्तु की सभी इकाईयों का उपयोग करने पर प्राप्त संतुस्ती का योग कुल उपयोगिता कहलाता है।
👉सीमांत उपयोगिता: किसी वस्तु के एक अतरिक्त इकाई के उपभोग से कुल उपयोगिता में जो परिवर्तन होती है उसे सीमांत उपयोगिता कहते है।
👉ह्रासमान सीमांत उपयोगिता नियम: किसी वस्तु की उत्तरोत्तर उपभोग करने पर प्रत्येक अगली इकाई से प्राप्त होने वाली सीमांत उपयोगिता क्रमशः घटती चली जाती है।
👉उपभोक्ता बंडल: उपभोक्ता बंडल दो वस्तुओं की मात्राओं का ऐसा समूह है जिन्हे उपभोक्ता वस्तुओं की कीमत तथा अपनी दी हुयी आय से खरीद सकता है।
👉उपभोक्ता बजट: उपभोक्ता का बजट उसकी वास्तविक आय या क्रय शक्ति को बताता है जिसके द्वारा वह दी हुयी कीमत वाली वस्तुओं की निश्चित मात्रा खरीदता है।
👉बजट सेट: यह उपभोक्ता के समस्त संयोजनों का या बंडलों का सेट है, जो वह अपनी मौद्रिक आय के अंतर्गत प्रचलित कीमतों पर खरीद सकता है।
बजट सेट का समीकरण: M ≥ Px . X + Py . Y
👉बजट रेखा: वह रेखा: जो दो वस्तुओं के उन विभिन्न संयोगों को दर्शाती है जिसे उपभोक्ता अपनी समस्त आय का व्यय करके वस्तुओं की दी गयी कीमत पर खरीद सकता है।
बजट रेखा का समीकरण: M = Px . X + Py . Y
👉सीमांत प्रतिस्थापन दर: वह दर जिस पर उपभोक्ता X-वस्तु की अतरिक्त इकाई प्राप्त करने के लिए Y-वस्तु की मात्रा त्यागने के लिए त्यार है।
सीमांत प्रतिस्थापन दर = ∆Y / ∆X  या, Y-वस्तु की हानि / X-वस्तु का लाभ 
👉अधिमान वक्र: अधिमान वक्र दो बस्तुओं के उन विभिन्न संयोगों को दर्शाता है, जो उपभोक्ता को समान स्तर की उपयोगिता या संतुष्टि प्रदान करता है।
👉अधिमान वक्र की विषेशताएँ: 
  1. अधिमान वक्र ऋणात्मक ढाल वाले होते है- क्योकि एक वास्तु की इकाईयों की अधिक मात्रा का उपभोग बढ़ाने के लिए यह आवश्यक है की दूसरी वस्तु की इकाईयों का त्याग किया जाए ताकि संतुष्टि स्तर सामान रहे।
  2. अधिमान वक्र मूल बिंदु की और उन्नतोदर होता है- क्योंकि सीमांत प्रतिस्थापन की दर घटती हुयी होती है अर्थात उपभोक्ता एक वस्तु की अधिक  मात्रा का उपभोग बढ़ाने के लिए दूसरी वस्तु की इकाईयों का त्याग घटती दर पर करने के लिए त्यार होता है।
  3. अधिमान वक्र न तो कभी एक-दूसरे को छूटे है और न ही काटते है- क्योंकि दो अधिमान वक्र संतुष्टि के दो अलग-अलग स्तरों को प्रदर्शित करते है। यदि ये एक-दूसरे को काटे तो कटाव बिंदु पर संतुष्टि का स्तर समान होगा जो संभव नहीं है।
  4. ऊँचा अधिमान वक्र संतुष्टि के ऊँचे स्तर को प्रकट करता है- यह एक दिष्ट अधिमान के कारन होता है। उच्च तटस्थता वक्र को दो वस्तुओं के उन बंडलों को दिखता है जिस पर निम्न तटस्थता वक्र की तुलना में एक वस्तु की मात्रा अधिक है तथा दूसरी की काम नहीं।
👉एक दिष्ट अधिमान : उपभोक्ता या अधिमान एक दिष्ट है यदि उपभोक्ता दो बंडलों के मध्य उस बंडल को प्राथमिकता देता है, जिसमें दूसरे बण्डल की तुलना में काम से काम एक वस्तु की अधिक मात्रा होती है और दूसरे वस्तु की मात्रा काम नहीं होती।
👉उपभोक्ता संतुलन: यह वह स्थिति है जहाँ उपभोक्ता अनपी आय को इस प्रकार व्यय करता है की उसे अधिकतम संतुष्टि प्राप्त हो।
उपभोक्ता संतुलन की शर्ते:
1. उपयोगिता विश्लेषण ( उपयोगिता की गणनावाचक अवधारणा ): इस अवधारणा के अनुसार, उपयोगिता की गणना ‘यूटीलस’ में की जा सकती है। ‘यूटीलस'(Utils) उपयोगिता की इकाईयाँ कहते है।
शर्ते :-
  • एक वस्तु की स्थिति में – MUm = MUx / Px 

यहाँ,

                   MUm = मुद्रा की सीमांत उपयोगिता 
                   MUx = X-वास्तु की सीमांत उपयोगिता 
                   Px     =  X-वास्तु का मूल्य 
  • दो वस्तु की स्थिति में – MUx / Px = MUy  / Py = MUm

वस्तु की सीमांत उपयोगिता निरंतर गिर रही हो।

2. तटस्थता वक्र विश्लेषण ( उपयोगिता की क्रमवाचक अवधारणा ): इस अवधारणा के अनुसार उपयोगिता की गणना नहीं की जा सकती, परन्तु उसे क्रम के रूप में प्रदर्शित कर सकते है।
शर्ते :- 
  • MRSxy = Px / Py ( Px = X-वस्तु का मूल्य तथा Py = Y-वस्तु का मूल्य )
  • MRS गिरती हुयी हो या तटस्थता वक्र मूल बिंदु पर उन्नतोदर होना चाहिए। 

👉माँग: वस्तु की वह मात्रा जिसे उपभोक्ता किस निश्चित कीमत एवं निश्चित समय पर खरीदता है या खरीदने के लिए त्यार होता हो, माँग कहलाता है।

👉बाजार माँग: कीमत के एक निश्चित स्तर पर किसी बाजार में सभी उपभोक्ताओं द्वारा वस्तु की खरीदी गयी मात्राओं का योग ‘बाजार माँग’ कहलाता है।
👉माँग फलन: यह किसी वस्तु की माँग तथा उसे प्रभावित करने वाले कारको के मध्य फलनात्मक सबंध को बताता है।
                     Dx  = f ( Px, Pr, Y, T, E, N, Yd )
          यहाँ,
                      Dx  = X-वस्तु की माँग 
                      f      = फलन
                      Px   = X-वस्तु की कीमत
                      Y     =  उपभोक्ता की आय
                      T     = उपभोक्ता की रूचि
                      E     = उपभोक्ता की आशाएँ
                      N     = जनसंख्या का आकार
                      Yd   = आय का वितरण 
👉माँग का नियम: इस नियम के अनुसार अन्य बातें समान रहने पर किसी वस्तु के कीमत में वृद्धि होने से उसकी माँग मात्रा घटती है और उस वस्तु की कीमत में कमी होने से उसकी माँग मात्रा बढ़ती है अर्थात कीमत तथा माँग के बीच विपरीत सबंध होता है।
👉माँग अनुसूची (तालिका): माँग अनुसूची वह तालिका है जो विभिन्न कीमत स्तरों पर एक वस्तु की माँग मात्रा को दर्शाता है।
👉माँग वक्र: माँग तालिका का रेखाचित्रिय प्रस्तुतीकरण माँग वक्र कहलाता था। अर्थात माँग वक्र कीमत के विभिन्न स्तरों पर माँग मात्राओं को दर्शाने वाला वक्र। यह ऋणात्मक ढाल का होता है जो वस्तु की कीमत और उसकी माँग मात्रा में विपरीत सबंध को बताता है।
👉माँग वक्र एवं उसका ढाल: 
माँग वक्र का ढाल = कीमत में परिवर्तन / माँगी गयी मात्रा में परिवर्तन
Jharkhand Pathshala
👉माँग में परिवर्तन: कीमत के समान रहने पर किसी अन्य करक में परिवर्तन होने से जब वस्तु की माँग घट या बढ़ जाती है तब उसे माँग में परिवर्तन कहते है।
👉माँग मात्रा में परिवर्तन: अन्य करक समान रहने पर जब वस्तु के स्वयं के कीमत में परिवर्तन से घटती या बढ़ती है तब उसे माँग मात्रा में परिवर्तन कहते है।
👉माँग को प्रभावित करने वाले कारक: उपभोक्ता की कीमत, उपभोक्ता की आया, सबंधित वस्तुओं की कीमत, उपभोक्ता की रूचि एवं प्राथमिकता, भविष्य में कीमत परिवर्तन की संभावना।
👉माँग की कीमत लोच: माँग की कीमत लोच, माँग की कीमत में होने वाले प्रतिशत परिवर्तन के फलस्वरूप माँग की मात्रा में होने वाले प्रतिक्रियात्मक प्रतिशत परिवर्तन को संख्यात्मक रूप में मापती है।

👉माँग की कीमत लोच की श्रेणियाँ: 

  1. पूर्णतया बेलोचदार
  2. इकाई से काम लोचदार
  3. इकाई के बराबर लोचदार
  4. इकाई से अधिक लोचदार
  5. पूर्णतया लोचदार

महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ट प्रश्न-उत्तर 

1 उपभोक्ता की अभिरुचियों को दर्शाया जा सकता है:
(a) उदासीन नक़्शे के द्वारा 
(b) केवल उपयोगिता द्वारा 
(c) उदासीन नक्से और उपयोगिता दोनों के द्वारा 
(d) न तो उदासीन नक़्शे द्वारा न ही उपयोगिता द्वारा 

उत्तर- केवल उपयोगिता द्वारा 

2 सामान्यतः माँग वक्र होता है :
(a) धनात्मक ढाल वाला 
(b) x-अक्ष के समान्तर क्षैतिज रेखा 
(c) ऋनात्मक ढाल वाला 
(d) y-अक्ष के समान्तर उध्र्वाधर रेखा 

उत्तर- ऋनात्मक ढाल वाला 

3 सामान्य वस्तुओं की माँग घटती है:
(a) उपभोक्ता की आय सामान रहने से 
(b) उपभोक्ता की आय में वृद्धि से
(c) उपभोक्ता की आय में कमी से
(d) उपभोक्ता की आय के घटने या बढ़ने दोनों से 

उत्तर- उपभोक्ता की आय में कमी से

4 उपभोक्ता का सर्वोत्तम संतुष्टि वाला बिंदु स्थित होता है:
(a) बजट रेखा व् उदासीन वक्र के स्पर्श बिंदु पर 
(b) बजट रेखा व् उदासीन वक्र के कटाव बिंदु पर 
(c) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं 

उत्तर- बजट रेखा व् उदासीन वक्र के स्पर्श बिंदु पर 

5 सेब की कीमत में वृद्धि से उसकी माँग में होने वाला परिवर्तन माँग में ……………. को दर्शाता है:
(a) प्रसार 
(b) संकुचन 
(c) वृद्धि 
(d) कमी 

उत्तर- संकुचन 

6 परिवार की आय में कमी के प्रभाव से माँग में होने वाले परिवर्तन को माँग की ………….. कहते हैl
(a) संकुचन
(b) विस्तार 
(c) वृद्धि 
(d) कमी 

उत्तर- कमी 

7 पेट्रोल की कीमत बढ़ने पर कर की माँग में…………… होगीl
(a) बृद्धि 
(b) स्थिर 
(c) कम
(d) बहुत ज्यादा बृद्धि होगी 

उत्तर- कम

8 यदि मूल्य में परिवर्तन के कारन माँग में परिवर्तन हो तो यह हैl
(a) आय लोच 
(b) कीमत लोच 
(c) आड़ी लोच 
(d) आय और आड़ी लोच दोनों 

उत्तर- कीमत लोच

9 यदि वास्तु की माँग में परिवर्तन कीमत के अनुपात में हो तो उस वास्तु की माँग होगी l
(a) इकाई से कम लोचदार 
(b) पुर्णतः लोचदार 
(c) इकाई के बराबर लोचदार 
(d) पुर्णतः बेलोचदार

उत्तर- इकाई के बराबर लोचदार 

10 उपयोगिता का गणनावाचक सिद्धांत निम्न में से किसने प्रस्तुत किया है?
(a) पीगू 
(b) मार्शल 
(c) हिक्स 
(d) सैम्युअल्सन 

उत्तर- मार्शल 

11 उपभोक्ता व्यवहार का अध्ययन किय जाता है?
(a) व्यापक अर्थशास्त्र में
(b) सूक्ष्म अर्थशास्त्र में 
(c) आय सिद्धांत में 
(d) इनमें से कोई नहीं 

उत्तर- सूक्ष्म अर्थशास्त्र में

12 गोसेन का प्रथम नियम निम्न में कौन-सा है?
(a) माँग का नियम 
(b) सीमांत उपयोगिता ह्रास नियम 
(c) समसिमांत उपयोगिता नियम 
(d) उपभोक्ता की बचत 

उत्तर- सीमांत उपयोगिता ह्रास नियम

13 सीमांत उपयोगिता को ज्ञात करने की विधि है?
(a) ΔMU/ΔQ
(b) ΔQ/ΔTU
(c) ΔTU/ΔQ
(d) ΔQ/ΔMU

उत्तर- ΔTU/ΔQ

14 जब कुल उपयोगिता अधिकतम होती है, तब सीमांत उपयोगिता :
(a) धनात्मक होती है 
(b) अधिकतम होती है 
(c) ऋनात्मक होती है 
(d) शून्य होती है 

उत्तर- शून्य होती है 

15 सीमांत उपयोगिता नियम के विचार के मूल प्रतिपादक कौन थे?
(a) मिल 
(b) रिकार्डो 
(c) मार्शल 
(d) गोसेन 

उत्तर- गोसेन 

16 उपयोगिता का संबंध होता है:
(a) लाभदायकता 
(b) नैतिकता 
(c) मानव आवश्यकता की पूर्ति से 
(d) इनमें से सभी

उत्तर- इनमें से सभी 

17 उपयोगिता की माप की जा सकती है:
(a) मुद्रा के द्वारा 
(b) वस्तुओं के विनिमय द्वारा 
(c) वास्तु के वजन के द्वारा 
(d) उपयोगिता मापक यन्त्र के द्वारा 

उत्तर- मुद्रा के द्वारा 

18 किसी वस्तु में मानवीय आवश्यकता की पूर्ति की क्षमता को कहते है:
(a) उपयोगिता 
(b) संतुष्टि 
(c) उत्पादकता 
(d) लाभदायकता 

उत्तर- उपयोगिता 

19 एक वास्तु की सभी इकाईयों से प्राप्त होने वाली उपयोगिता के योग को क्या कहते है?
(a) अतरिक्त उपयोगिता 
(b) अधिकतम संतुष्टि 
(c) सीमांत उपयोगिता 
(d) कुल उपयोगिता 

उत्तर- कुल उपयोगिता 

20 उपयोगिता का क्रमवाचक सिद्धांत किसने दिया था?
(a) गोसेन 
(b) मार्शल 
(c) हिक्स एवं एलन 
(d) पीगू 

उत्तर- हिक्स एवं एलन 

21 सीमांत उपयोगिता ह्रास नियम के प्रतिपादक है?
(a) हिक्स 
(b) गोसेन 
(c) एडम स्मिथ 
(d) चैपमेन

उत्तर- गोसेन 

22 उपभोक्ता का संतुलन उस बिंदु पर होता है:
(a) सीमांत उपयोगिता < मूल्य (MU<Price)
(b) सीमांत उपयोगिता > मूल्य (MU>Price)
(c) सीमांत उपयोगिता = मूल्य (MU=Price)
(d) इनमें से कोई नहीं 

उत्तर- सीमांत उपयोगिता = मूल्य (MU=Price)

23 किसी वास्तु की मानवीय आवश्यकता को संतुष्ट करने की क्षमता है:
(a) उपभोग 
(b) उपयोगिता 
(c) गुण 
(d) रूचि 

उत्तर- उपयोगिता 

24 जब सीमांत उपयोगिता ऋणात्मक होती है, तब कुल उपयोगिता:
(a) घटने लगाती है 
(b) अधिकतम होती है 
(c) घटती दर से बढ़ती है
(d) शून्य होती है

उत्तर- घटने लगाती है 

25 माँग में कौन-सा तत्व निहित होना आवश्यक है?
(a) वस्तु की इक्षा 
(b) साधन व्यय करने की तत्परता 
(c) एक निश्चित मूल्य 
(d) इनमें से सभी 

उत्तर- इनमें से सभी 

26 माँग वक्र का ढाल होता है:
(a) बायें से दायें नीचे की ओर 
(b) बायें से दायें ऊपर की ओर 
(c) सीधा रखा 
(d) लम्बवत

उत्तर- बायें से दायें नीचे की ओर 

27 किस प्रकार की वस्तुओं के मूल्य में कमी होने से माँग में वृद्धि नहीं होती है?
(a) आरामदायक वस्तुएँ
(b) विलासिता वस्तुएँ 
(c) टिकाऊ वस्तुएँ 
(d) अनिवार्य वस्तुएँ

उत्तर- अनिवार्य वस्तुएँ

28 माँग को प्रभावित करने वाले कारक निम्न में से कौन-से है?
(a) कीमत 
(b) आय में परिवर्तन 
(c) उपभोक्ता की रूचि 
(d) इनमें से सभी 

उत्तर- इनमें से सभी 

29 ऐसी वस्तुएँ जिनका एक-दुसरे के बदले प्रयोग किया जाता है, कहलाती है?
(a) पूरक वस्तुएँ 
(b) स्थानापन्न वस्तुएँ 
(c) आरामदायक वस्तुएँ 
(d) टिकाऊ वस्तुएँ 

उत्तर- स्थानापन्न वस्तुएँ 

30 माँग फलन को निम्नलिखित में कौन-सा समीकरण व्यक्त करता है?
(a) Px = f
(b) Dx = Px
(c) Dx = f (Px)
(d) Px

उत्तर- Dx = f (Px)

31 जब x-वस्तु की कीमत का परिवर्तन y-वस्तु की माँग को प्रभावित करता है, तब यह माँग कहलाती है:
(a) तिरछी माँग (आड़ी माँग)
(b) कीमत माँग 
(c) आय माँग 
(d) सामूहिक माँग 

उत्तर- तिरछी माँग (आड़ी माँग)

32 सामान्य वस्तुओं के लिए माँग का नियम वस्तु की कीमत एवं वस्तु की माँग के बिच वक्त करता है:
(a) विपरीत संबंध 
(b) सीधा संबंध 
(c) धनात्मक संबंध 
(d) कोई संबंद नहीं 

उत्तर- विपरीत संबंध 

33 माँग में कमी के निम्नलिखित में कौन-से कारन है?
(a) आय में कमी 
(b) क्रेताओं की संख्या में कमी 
(c) उपभोक्ता के रूचि में कमी 
(d) इनमें से सभी 

उत्तर- इनमें से सभी 

34 कॉफ़ी के मूल्य में वृद्धि होने से चाय की माँग :
(a) स्थिर रहती है 
(b) घटती है 
(c) बढ़ती है 
(d) कोई परिवर्तन नहीं होगा

उत्तर- बढ़ती है 

35 माँग में संकुचन तब होता है जब 
(a) कीमत बढ़ती है और माँग घटती है 
(b) कीमत बढ़ती है और माँग भी बढ़ती है
(c) कीमत स्थिर रहती है और माँग घटती है 
(d) कीमत घटती है और माँग स्थिर रहती है 

उत्तर- कीमत बढ़ती है और माँग घटती है 

36 मूल्य वृद्धि से ‘गिफिन’ वस्तुओं की माँग:
(a) बढ़ जाती है 
(b) घट जाती है 
(c) स्थिर रहती है 
(d) अस्थिर हो जाती है 

उत्तर- बढ़ जाती है 

37 किसी सामान्य वस्तु के माँग वक्र की ढाल होती है:
(a) धनात्मक 
(b) ऋणात्मक 
(c) शुन्य 
(d) अपरिभाषित 

उत्तर- ऋणात्मक 

38 माँग की लोच को मापने का सूत्र निम्नलिखित में कौन-सा है:
(a) कीमत में परिवर्तन / माँग मात्र में परिवर्तन 
(b) माँग मात्र में आनुपातिक परिवर्तन / कीमत में आनुपातिक परिवर्तन 
(c) कीमत में आनुपातिक परिवर्तन / माँग मात्र में आनुपातिक परिवर्तन
(d) माँग मात्र में परिवर्तन / कीमत में परिवर्तन 

उत्तर- माँग मात्र में आनुपातिक परिवर्तन / कीमत में आनुपातिक परिवर्तन 

39 माँग की लोच का माप निम्नलिखित में किस विधि से किया जाता है?
(a) कुल व्यय रीति
(b) प्रतिशत या आनुपातिक रीति
(c) बिंदु विधि 
(d) इनमें से सभी 

उत्तर- इनमें से सभी


Important Question Answers: Upbhokta Vyavhar ka Siddhant

प्रश्न: उपभोक्ता के बजट सेट से आप क्या समझते है?
उत्तर: उपभोक्ता अपने दी हुयी आय से अपने सभी आवश्यकतों के साधनों को नहीं खरीद सकता है। उपभोक्ता के लिए उपलब्ध विभिन्न संसाधनों के बंडलों में से उस साधनों को खरीदेगा जिसकी मूल्य उसके आय के बराबर हो या उससे कम। इस प्रकार दो वस्तुओं के वे मात्राएँ जिसे उपभोक्ता अपनी निश्चित आय से खरीद सकता है, उसे बजट सेट कहते है।

प्रश्न: बजट रेखा क्या है?
उत्तर: बजट रेखा वह रेखा जो दो वस्तुओं के उन विभिन्न संयोगों को दर्शाती है जिसे उपभोक्ता अपनी समस्त आय का व्यय करके वस्तुओं की दी गयी कीमत पर खरीद सकता है।
बजट रेखा का समीकरण: M = Px . X + Py . Y

प्रश्न: बजट रेखा की प्रवणता निचे की ओर क्यों होती है?
उत्तर: बजट रेखा दो वस्तुओं के उन सभी समूहों को व्यक्त करती है जिनकी लगत उपभोक्ता की आय के बराबर होती है। बजट रेखा का ढाल ऋणात्मक होती है, क्योंकि यदि उपभोक्ता एक वास्तु की एक अतरिक्त इकाई का उपभोग बढ़ाना चाहता है तो उसे दूसरी वास्तु की कुछ इकाईयों का त्याग करना पड़ेगा।

प्रश्न: ‘एकदिष्ट अधिमान’ से आप क्या समझते है?
उत्तर: यदि बंडल (X1,X2) व् (Y1,Y2) उपभोक्ता के लिए उपलब्ध है और यदि बंडल (X1,X2) में बंडल (Y1,Y2) की तुलना में काम से काम एक वस्तु की इकाई अधिक है और दूसरी वस्तु की इकाईयों में कमी नहीं अति है तो उपभोक्ता बंडल (Y1,Y2) की तुलना में बंडल (X1,X2) को ज्यादा पसंद करेगा। इसी पसंद को ‘एकदिष्ट अधिमान’ कहा जाता है।

प्रश्न: सामान्य वास्तु से आप क्या समझते है? या, सामान्य वास्तु क्या है?
उत्तर: वे वस्तुएँ जिनकी माँग उपभोक्ता की आय बढ़ने से बढाती है और उपभोक्ता की आय की काम होने से घटती है, उन्हें सामान्य वस्तुएँ कहते है।

प्रश्न: निम्न कोटि के वस्तुएँ क्या है? या, निम्नस्तरीय वास्तु को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: वे वस्तुएँ जिनकी माँग उपभोक्ता की आय बढ़ने से घटती है और उपभोक्ता की आय काम होने से बढती है, उन्हें निम्न कोटि के वस्तुएँ कहते है।

प्रश्न: स्थानापन्न वस्तुएँ क्या है?
उत्तर: वैसे वस्तुएँ जिनका प्रयोग एक-दूसरे की स्थान पर होता है, उसे एक दूसरे का स्थानापन्न वास्तु कहा जाता है। जैसे, चाय और कोफ़ी, जूता और चप्पल आदि।

प्रश्न: पूरक वस्तुएँ क्या है?
उत्तर: वैसे वस्तुएँ जिनका प्रयोग एक-दूसरे की साथ होता है, उसे एक दूसरे का पूरक वास्तु कहा जाता है। जैसे, कार और पेट्रोल, पेन और स्याही, चाय और चीनी आदि।

संपादन अभी जारी है …………………


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