Upniveshvad aur Dehat Class 12

Upniveshvad aur Dehat Sarkari Abhilekhon Ka Addhyan
उपनिवेशवाद और देहात सरकारी अभिलेखों का अध्ययन


Upniveshvad aur Dehat: Important Points:

* भारत में औपनिवेशिक शासन सर्वप्रथम बंगाल में स्थापित किया गया था। यही वह प्रांत था जहाँ पर सबसे पहले ग्रामीण समाज को पुनर्व्यवस्थित करने और भूमि संबंधी अधिकारीयों की नयी व्यवस्था तथा नयी राजस्व प्रणाली स्थापित करने के प्रयास किये गए थे।

* 1793 में इस्तमरारी बंदोबस्त लागु किया गया। उस समय लार्ड कार्नवालिस गवर्नर जनरल था।

* सूर्यास्त विधि के अनुसार यदि जमींदारों द्वारा निश्चित तारीख की सूर्य अस्त होने तक भुगतान नहीं आता था जो जमींदारी को नीलम किया जा सकता था।

* ‘ जोतदार ‘ धनि किसानों का वर्ग था, जिनका किसानों के साथ आत्मीयता का संबंध था।

* जमींदार द्वारा समय पर राजस्व राशि जमा न करने के कई कारन थे- (1) प्रारंभिक माँगें बहुत ऊँची थी। (2) यह माँग 1790 के दशक में लागु की गयी थी जब कृषि की उपज की कीमतें नीची थी। (3) इनकी शक्ति राजस्व इकट्ठा करने व उसके प्रबंध तक सिमित थी।

* पांचवी रिपोर्ट जो भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन तथा क्रिया कलापों के विषय में त्यार की गयी थी।

* ‘ अमला ‘ जमींदार का एक अधिकारी होता था जो राजस्व इकट्ठा करता था।

* 1780 के दशक के भागलपुर के कलेक्टर ऑगस्टस क्लीवलैंड ने शांति स्थापना की नीति प्रस्तावित की। जिसके अनुसार पहाड़ियां मुखियाओं को वार्षिक भत्ता दिया जाना था, बदलें में पहाड़ियां लोगों को अपना चाल-चलन सही करना था।

* 1780 के दशक के आस-पास संथाल लोग बंगाल में आने लगे वे जमींदारों के यहाँ भाड़े पर काम करते थे, अंग्रेजों ने उनका उपयोग जंगल की सफाई के लिए किया।

* बुकानन एक चिकित्सक था जो ब्रिटैन से भारत आया। लार्ड वेलेज्ली का शल्य-चिकित्सक रहा। बंगाल सरकार के नुरोध पर उन्होंने ब्रिटिश ईष्ट इंडिया कंपनी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले भूमि का विस्तृत सर्वेक्षण किया।

* ‘ सुपा'( पूना जिले का एक बड़ा गांव ) एक विपणन केंद्र ( मंडी ) था, जहाँ अनेक व्यापारी और साहूकार रहते थे।

* बम्बई दक्कन में जो राजस्व प्रणाली लागु की गयी उसे रैयतवाड़ी कहा जाता है। यह प्रणाली बंगाल में लागु ‘ इस्तमरारी बंदोबस्त ‘ के विपरीत थी।

* अमेरिका में 1861 में गृह युद्ध छिड़ गया, तो ब्रिटैन के कपास क्षेत्र में तहलका मच गया, क्योंकि अमेरिका से कपास की आयात मुश्किल हो गया जिस कमी की पूर्ति भारत से अधिक मात्रा में कपास का आयत कर के किया गया। इसके लिए भारतीय किसानों को कपास के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया गया।

* बम्बई ( दक्कन ) में पहला राजस्व बंदोबस्त – 1820 के दशक में लागु हुआ था।


महत्वपूर्ण वास्तुनिष्ठ प्रश्न-उत्तर: Upniveshvad aur Dehat Class 12

1 फ्रांसिस बुकानन कौन था?
(a) सैनिक
(b) गायक 
(c) अभियंता
(b) सर्वेक्षक

उत्तर: सर्वेक्षक

2 फ्रांसिस बुकानन के विवरणों से किस जनजाति के बारे में पता चलता है?
(a) गौड़
(b) संथाल 
(c) कोल
(b) हमार

उत्तर: संथाल 

3 संथाल विद्रोह का प्रमुख नेता कौन था?
(a) सिद्धू, कान्हू
(b) सेवरम
(c) गोमधर
(b) चित्तर सिंह 

उत्तर: सिद्धू, कान्हू

4 किस युद्ध में विजय के पश्चात ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल, बिहार एवं उड़ीसा के दीवानी अधिकार प्राप्त कर लिया?
(a) प्लासी  
(b) बक्सर 
(c) पानीपत 
(b) हल्दीघाटी

उत्तर: बक्सर

5 भारत में अस्थाई रूप से 10 वर्षीय जनगणना का आरंभ 1881 में किस गवर्नर जनरल के काल में हुआ?
(a) क्लाइव
(b) वारेन हेंस्टिग्स
(c) रिपन
(b) मेयो 

उत्तर: रिपन

6 दक्कन दंगा आयोग कब गठित हुआ था?
(a) 1875
(b) 1879
(c) 1885
(b) 1890

उत्तर: 1879

7 संथाल विद्रोह कब हुआ था?
(a) 1832
(b) 1841
(c) 1851
(b) 1855

उत्तर: 1855

8 उलगुलान विद्रोह का नेता कौन था?
(a) सिद्धू 
(b) गोमधर कुँवर
(c) चित्तर सिंह 
(b) बिरसामुंडा 

उत्तर: बिरसामुंडा 

9 रैयतवाड़ी व्यवस्था में भूमि का स्वामी कौन होता था?
(a) जमींदार 
(b) ब्रिटिश सरकार 
(c) किसान 
(b) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: किसान 

10 बंगाल और बिहार में स्थाई बंदोबस्त किसने लागू किया था?
(a) वारेन हेस्टिंग्स
(b) वेलेजली
(c) कर्नवालिस
(b) रिपन 

उत्तर: कर्नवालिस

11 इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना कब हुई थी?
(a) 1600 में
(b) 1605 में 
(c) 1610 में 
(b) 1615 में 

उत्तर: 1600 में

12 स्थाई बंदोबस्त सर्वप्रथम कहां लागू की गई थी?
(a) मुंबई
(b) पंजाब 
(c) बंगाल 
(b) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: बंगाल 

13 भारत आने वाले प्रथम यूरोपियन कौन थे?
(a) पुर्तगाली 
(b) ब्रिटिश
(c) डच
(b) फ्रांसीसी

उत्तर: पुर्तगाली 

14 भारत आने वाला प्रथम पुर्तगाली कौन था?
(a) कोलम्बस
(b) रियो- डी
(c) वास्को- डी – गामा
(b) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: वास्को- डी – गामा

15 भारतीय उद्योगों विशेषत: ग्रामीण उद्योगों के पतन का क्या कारण था?
(a) मूल्य वृद्धि 
(b) जनसंख्या वृद्धि 
(c) रेलवे का विस्तार 
(b) कृषि पर दबाव

उत्तर: रेलवे का विस्तार 

16 धन के दोहन के सिद्धांत की सर्वप्रथम विस्तृत व्यवस्था किसने की?
(a) राजा राममोहन राय 
(b) दादा भाई नौरोजी 
(c) रमेश चंद्र दत्त 
(b) सुरेंद्रनाथ बनर्जी

उत्तर: दादा भाई नौरोजी 

17 शिक्षा संबंधी ‘वुड्स डिस्पैच’ को कब प्रस्तावित किया गया था?
(a) 1850 में
(b) 1854 में 
(c) 1855 में
(b) 1858 में 

उत्तर: 1854 में

18 भारत में डाक टिकट का प्रचलन कब आरंभ हुआ था?
(a) 1850 में 
(b) 1852 में 
(c) 1854 में 
(b) 1856 में 

उत्तर: 1854 में 

19 दामिनी-इ-कोह  किसका इलाका था?
(a) बंगाल के जमींदारों
(b) संथालों
(c) पहाड़ियों
(b) बंगाल के जोतदारों 

उत्तर: संथालों

20 भारत में नागरिक सेवा का जन्मदाता कौन था?
(a) लॉर्ड डलहौजी
(b) वारेन हेस्टिंग्स
(c) लॉर्ड कार्नवालिस
(b) लॉर्ड वेलेजली

उत्तर: लॉर्ड कार्नवालिस


महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर: Upniveshvad aur Dehat Class 12

प्रश्न: उपनिवेशवाद का क्या अर्थ है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: उपनिवेशवाद एक विचारधारा है जिसमें एक ताकतवर देश दूसरे कमजोर देश पर अधिकार कर लेता है और उनके संसाधनों का मनमाने ढंग से उपयोग करने लगता है। भारत कभी ब्रिटेन का एक उपनिवेश था ब्रिटेन के उपनिवेशवाद की वजह से ही भारत गुलाम हुआ और उसके संसाधनों का शोषण हुआ।

प्रश्न: सूर्यास्त कानून क्या है?
उत्तर: सूर्यास्त कानून अंग्रेजों द्वारा लाई गई एक व्यवस्था थी जिसके तहत किसानों की फसल अच्छी हो या खराब राजस्व का ठीक समय पर भुगतान करना जरूरी था। इस कानून के अनुसार एक निश्चित तिथि को सूर्य डूबने से पहले राजस्व का भुगतान करना पड़ता था इस कारण इसे सूर्यास्त का कानून कहां गया। यदि सूर्यास्त से पहले राजस्व का भुगतान नहीं हो पाता था तो जमींदारों की जमींदारी को नीलाम कर दिया जाता था। इस प्रकार जमींदारों की जमींदारी छिन जाती थी।

प्रश्न: ताल्लुकदार कौन थे?
उत्तर: ताल्लुकदार का शाब्दिक अर्थ है वह व्यक्ति जिसके साथ ताल्लुक या संबंध हो। आगे चलकर ताल्लुक का अर्थ क्षेत्रीय इकाई हो गया। ताल्लुकदार क्षेत्रीय इकाई का स्वामी होता था। ब्रिटिश सरकार ने इस्तमरारी बंदोबस्त बंगाल के राजाओं और तालुकदार ओं के साथ लागू किया था।

प्रश्न: पांचवी रिपोर्ट क्या है?
उत्तर: भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन तथा क्रियाकलापों से तैयार की गई रिपोर्ट को पांचवी रिपोर्ट कहते हैं। यह रिपोर्ट 1002 पृष्ठों की थी जिसने 800 से अधिक पृष्ठ परिशिष्ट के थे। इसमें जमींदारों और रैयतों की अर्जियाँ, भिन्न- भिन्न जिलों के कलेक्टरों की रिपोर्ट, राजस्व विवरण से संबंधित सांख्यिकी तालिकाएँ और अधिकारीयों द्वारा बंगाल और मद्रास की राजस्व तथा न्यायिक प्रशासन पर लिखित टिप्पणियाँ शामिल की गयी थी।  

प्रश्न: जमींदार राजस्व क्यों नहीं अदा कर पाते थे?
उत्तर: जमींदार समय पर राजस्व नहीं अदा कर पाते थे। इस चूक के कई कारण थे जैसे कि-
(a) सरकार के भू राजस्व की प्रारंभिक मांगे बहुत ऊंची थी क्योंकि ऐसा महसूस किया गया था कि यदि मांग को आने वाले संपूर्ण समय के लिए निश्चित किया जा रहा है तो आगे चलकर कीमतों में बढ़ोतरी होने और खेती का विस्तार होने से आ में वृद्धि हो जाने पर कंपनी उच्च वृद्धि में अपने हिस्से का दावा नहीं कर सकेगी।
(b) 1793 में कृषि की उपज की दरें नीचे थी जिससे रैयत के लिए जमींदारों को उनकी दे राशि चुकाना मुश्किल था।

प्रश्न: जोतदार और मंडल जमींदारों से क्यों नहीं डरते थे?
उत्त्तर: जोतदार एक धनी रैयत होता था जबकि मंडल गांव का मुखिया होता था। दोनों जमींदार की अधीन होते थे लेकिन जमींदार से डरते नहीं थे। इन लोगों का आपसी संबंध अच्छा होता था। जमींदार इन दोनों से ताकतवर था लेकिन अपनी ताकत का आसानी से इन पर इस्तेमाल नहीं कर सकता था।इन पर जमींदार मुकदमा दायर कर सकता था लेकिन यह प्रक्रिया काफी लंबी चलती थी जिस कारण जमींदार ऐसा कोई भी काम नहीं करता था। इसलिए जोतदार और मंडल जमींदारों से नहीं डरते थे।

प्रश्न: ग्रामीण बंगाल के बहुत से इलाकों में जोरदार एक ताकतवर हस्ती क्यों था?
उत्तर: ग्रामीण बंगाल के बहुत से इलाकों में जोतदार एक ताकतवर हस्ती हुआ करते थे। इसके निम्नलिखित कारण थे:
(a) बंगाल के दिनाजपुर जिले के धनी किसानों को जोरदार कहा जाता था। इनके पास हजारों एकड़ के जमीन के कई रकबे हुआ करते थे।
(b) स्थानीय व्यापार और साहूकार के कारोबार पर उनका नियंत्रण था। वे क्षेत्र के गरीब काश्तकारों पर शक्ति का प्रयोग करते थे।
(c) यह लोग गांवों में रहते थे और गरीब ग्रामीणों के एक बड़े वर्ग पर नियंत्रण रखते थे।
(d) वे खुद खेती नहीं करते थे और अपनी जमीन बटाईदारों को खेती करने के लिए दे देते थे। उनसे उपज का आधा भाग लेते थे। इस प्रकार बिना मेहनत के वे धनवान हो जाते थे। 

प्रश्न: जमींदार लोग अपनी जमींदारियों पर किस प्रकार नियंत्रण बनाए रखते थे?
उत्तर: जमींदार लोग अपने जमीनदारी पर नियंत्रण रखने के लिए अथवा उसे नीलाम होने से बचाने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाते थे:
(a) राजस्व की अत्यधिक मांग और अपनी भू संपदा की नीलामी से जमीदार तंग आ गए थे। इससे बचने के लिए जमींदारों ने संपदा की फर्जी बिक्री जैसी रणनीति अपनाएं थी।
(b) वर्धमान के राजा ने पहले तो अपनी जमीन दारी का कुछ भाग अपनी मां के नाम कर दिया था क्योंकि कंपनी ने यह नियम बनाया था कि स्त्रियों की संपत्ति को छीना नहीं जाएगा।
(c) जमीनदारी नीलामी के समय जमींदार अपने एजेंटों और नौकरों को शामिल करते थे। इस प्रकार संपदा पर जमीन दारी का अधिकार बना रहता था।
(d) जमींदार कंपनी को राजस्व नहीं देते थे। और इस प्रकार उनकी भुगतान राशि बढ़ती गई। जब भू संपदा का कुछ भाग नीलाम किया गया तो जमींदार के संबंधियों ने ही ऊंची बोली लगाकर खरीद लिया और रकम का भुगतान नहीं किया यही प्रक्रिया बार-बार चलती रहती थी।
(d) कुछ दिनों के बाद लोगों ने बोली लगाना बंद कर दिया। अंततः कंपनी को कम दाम पर जमीन जमींदार को ही बेचनी पड़ी।
(e) इन सबके अलावा जमींदारों ने नीलामी से बचने के लिए और भी कई तरकीब अपनाते थे। संपदा खरीदने वालों को या तो जमीन पर कब्जा नहीं करने देते थे या मारपीट कर भगा देते थे।

प्रश्न: संस्थानों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह क्यों किया था? या, संस्थानों ने विद्रोह क्यों किया था?
उत्तर: संथालों के विद्रोह के कई कारण थे जिनमें से प्रमुख कारण निम्नलिखित है:
(a) ब्रिटिश अधिकारियों ने संथालों को राजमहल के पहाड़ियों में बसने के लिए आमंत्रित किया था। तथा इस भूमि को दामिन- इ- कोह घोषित किया जिसका अर्थ होता है संस्थानों की भूमि। यह कर रहित भूमि थी। जब संथालों ने इस बंजर भूमि को उपजाऊ बना दिया तथा इसमें उपज अच्छी होने लगी तब अंग्रेजों ने इस भूमि पर भी कर लगा दिया।
(b) 1850 ईसवी के दशक तक संथाल लोग स्वायत्त शासन चाहते थे। परंतु ब्रिटिश सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी। फलस्वरुप संथालों ने विद्रोह कर दिया।
(c) 1955-56 के संथाल विद्रोह के बाद संथाल परगना का निर्माण कर दिया गया। इस प्रकार उनका क्षेत्र सीमित कर दिया गया। अंग्रेजों को आशा थी कि इससे संथाल संतुष्ट हो जाएंगे परंतु ऐसा नहीं हुआ वह विद्रोह पर उतारू हो गए।
(d) संथाल लोगों के बस्तियों पर ब्रिटिश अधिकारीयों ने भीषण आक्रमण किया जिससे संथाल लोग आक्रोशित हो गए और विद्रोह कर दिया।


Thank you very much for visiting our website to read The Enemy Ncert book solutions. Our aim in creating this website is to promote free education. It is not possible to do this noble work alone, so we need help from those who want to support us in this purpose. You can follow our various pages to support us, whose links are given below:

Leave a Comment