Rashtra Nirman Ki Chunautiyan

Rashtra Nirman Ki Chunautiyan

राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ
पुस्तक – 2   अध्याय – 1


महत्वपूर्ण स्मरणीय तथ्य (Rashtra Nirman Ki Chunautiyan)

⇒14 से 15 सन 1947 की मध्य रात्रि को हिंदुस्तान आजाद हुआ। संविधान सभा के विशेष सत्र में भारत के प्रथम प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरु ने “भाग्यवधु से चिर-प्रतीक्षित भेट” या “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी” के नाम से भासन दिया।
⇒आजादी की लड़ाई के समय दो बातों पर सबकी सहमती थी:

  1. आजादी के बाद देश का शासन लोकतांत्रिक पद्धिति से चलाया जायेगा।
  2. सरकार समाज के सभी वर्गों के लिए काम करेगी।

⇒नए राष्ट्र निर्माण के समय भारत के सामने मुख्यतः तीन तरह की चुनौतियाँ थी।

  1. एकता एवं अखंडता की चुनौती :- भारत अपने आकार और विविधता में किसी महादेश के बराबर था। यहाँ विभिन्न भाषा, संस्कृति और धर्मों के अनुयायी रहते थे, इन सभी को एकजुट करने की चुनौती थी।
  2. लोकतंत्र की स्थापना :- भारत ने संसदीय शासन पर आधारित प्रतिनिधित्वमुलक लोकतंत्र को अपनाया है, और भारतीय संविधान में प्रत्येक नागरिक को मौलिक अधिकार तथा मतदान का अधिकार दिया गया है।
  3. समानता पर आधारित विकास :- एसा विकास जिससे सम्पूर्ण समाज का कल्याण हो, न की किसी एक वर्ग का अर्थात सभी के साथ समानता का व्यव्हार किया जाये और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों तथा धार्मिक सांस्कृतिक अल्पसंख्यक समुदायों को विशेष सुरक्षा दी जाएँ।

⇒भारत का विभाजन :- मुस्लिम लीग ने “द्वि-राष्ट्र सिद्धांत” को अपनाने के लिए तर्क दिया की भारत किसी एक कौम का नहीं, अपितु “हिन्दू और मुस्लिम” नाम की दो कॉमों का देश है। और इसी कारन मुस्लिम लीग ने मुसलमानों के लिए एक अलग देश यानि पाकिस्तान की मांग की।
⇒भारत के विभाजन का आधार धार्मिक बहुसंखाया को बनाया गया। इस कारन कई प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हुयी जिनका विवरण निम्नलिखित है:-

  1. मुसलमानों की संख्यां के आधार पर पाकिस्तान में दो इलाकें शामिल होंगे पश्चिमी पाकिस्तान और पूर्वी पाकिस्तान और इसके मध्य में भारतीय भू-भाग का बड़ा विस्तार रहेगा।
  2. मुस्लिम-बहुल प्रत्येक ईलाका पाकिस्तान में जाने को राजी नहीं था। पश्चिमोत्तर सीमाप्रांत के नेता खान-अब्दुल खां जिन्हें ‘सीमांत गाँधी’ के नाम से जाना जाता है, वे ‘द्वि-राष्ट्र सिद्धांत’ के एकदम खोलाफ़ थे।
  3. ‘ब्रिटिश इंडिया’ के मुस्लिम बहुल प्रान्त पंजाब और बंगाल में अनेक हिस्से बहुसंख्यक गैर-मुस्लिम आबादी वाले थे। ऐसे में इन प्रान्तों का बँटवारा धार्मिक बहुसंख्या के आधार पर जिले या उससे निचले स्तर के प्रशासनिक हलके को आधार बना कर किया गया।
  4. भारत विभाजन केवल धर्म के आधार पर हुआ था। इसलिए दोनों ओर के अल्पसंख्यक वर्ग बड़े असमंजस में थे, की उनका क्या होगा। वह कल से पाकिस्तान के नागरिक होंगे या भारत के।
  5. भारत-विभाजन की योजना में यह नही कहाँ गया की दोनों भागों से अल्पसंख्यकों का विस्थापन भी होगा। विभाजन से पहले ही दोनों देशों के बाँटने वालें इलाकों में हिन्दू-मुस्लिम दंगे भड़क उठे। पश्चिमी पंजाब में रहने वाले अल्पसंख्यक गैर-मुस्लिम लोगों को अपना घर-बार, जमीं-जायदाद छोड़कर अपनी जान बचाने के लिए वहाँ से पूर्वी-पंजाब या भारत आना पड़ा। और इसी प्रकार मुसलमानों को पाकिस्तान जाना पड़ा।
  6. विभाजन की प्रक्रिया में भारत की भूमि का ही बँटवारा नही हुआ बल्कि भारत की सम्पदा का भी बँटवारा हुआ।
  7. आजादी एवं विभाजन के कारन भारत को विरासत के रूप में शरणार्थियों के पुनर्वास की समस्या मिली। लोगों के पुनर्वास को बड़े ही संयम ढंग से व्यावहारिक रूप प्रदान किया। शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए सर्वप्रथम एक पुनर्वास मंत्रालय बनाया गया।

राज्यों का गठन (Rashtra Nirman Ki Chunautiyan)

⇒रजवाड़ों का विलय- स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले भारत दो भागों में बाँटा हुआ था। पहला ब्रिटिश भारत और दूसरा देशी रियासत। इन देसी रियासतों की संख्या लगभग 565 थी।
⇒रियासतों के शासकों को मानने-समझाने में सरदार पटेल ने एतिहासिक भूमिका निभाई और अधिकतर रजवाड़ों को उन्होंने भारतीय संघ में शामिल होने में राजी किया था।
⇒देशी रियासतों के बारे में तीन अहम् बातें निम्नलिखित है:

  1. अधिकतर रजवाड़ों के लोग भारतीय संघ में शामिल होना चाहते थे।
  2. भारत सरकार कुछ इलाकों को स्वायतत्ता देने के लिए तैयार थी जैसे जम्मू-कश्मीर।
  3. विभाजन की पृष्ट भूमि में बिभिन्न इलाकों के सीमांकन पर खींचतान जोर पकड़ रही थी और ऐसे में देश की क्षेत्रीय एकता और अखंडता का प्रश्न सबसे बहत्वपूर्ण हो गया था। अधिकतर रजवाड़ों के शासकों ने भारतीय संघ में अपने विलय के एक सहमती पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए थे, ईस सहमती पत्र को ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ़ एक्शन’ कहा जाता है।

⇒जुनागड़, हैदराबाद, कश्मीर और मणिपुर की रियासतों का विलय बाकि रियासतों की तुलना में थोडा कठिन साबित हुआ।
⇒हैदराबाद का विलय: हैदाराबाद के शासक को ‘निजाम’ कहा जाता था। उन्होंने भारत सरकार के साथ नोवम्बर 1947 में एक साल के लिए यथास्थिति बहाल रहने का समजौता किया। कम्युनिस्ट पार्टी और हैदराबाद कांग्रेस के नेतृत्व में किसानों और महिलाओं ने निजाम के खिलाफ आंदोलन शुरू किया। इस आंदोलन को कुचलने के लिए निजाम ने एक अर्द्धसैनिक (रजाकार) को लगाया। इसके जवाब में भारत सरकार ने सितम्बर 1948 को सैनिक कार्यवाही के द्वारा निजाम को आत्मसमर्पण करने को मजबूर किया। इस प्रकार हैदराबाद का भारतीय संघ में विलय हुआ।
⇒मणिपुर रियासत का विलय: मणिपुर की आतंरिक स्वायत्तता बनी रही, इसको लेकर महाराजा बोधचंद्र सिंह व भारत सरकार के बीच विलय के सहमती पत्र पर हस्ताक्षर हुए। जनता के दबाव में निर्वाचन कराया गया इस  निर्वाचन के फलस्वरूप संवैधानिक राजतंत्र कायम हुआ। मणिपुर भारत का पहला भाग है जहाँ सार्वभौमिक व्यस्क मताधिकार के सिद्धांत को अपनाकर जून 1948 में चुनाव हुए।

राज्यों का पुनर्गठन (Rashtra Nirman Ki Chunautiyan)

⇒औपनिवेशिक शासन के समय प्रान्तों का गठन प्रशासनिक सुविधा के अनुसार किया गया था, लेकिन स्वतन्त्र भारत में भाषाई और सांस्कृतिक बहुलता के आधार राज्यों के गठन की मांग हुई।
⇒भाषा के आधार पर प्रान्तों के  गठन का राजनीतिक मुद्दा कोंग्रेस के नागपुर अधिवेशन (1920) में पहलीबार शामिल किया गया था।
⇒तेलगुभाषी, लोगों ने माँग की कि मद्रास प्रांत के तेलगुभाषी इलाकों को अलग करके एक नया राज्य आंध्रप्रदेश बनाया जाए। आंदोलन के दौरान कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता पोट्टी श्री रामुलू की लगभग 56 दिनों की भूख-हड़ताल के बाद मृत्यु हो गयी। इस कारन सरकार को दिसम्बर 1952 में आंध्रप्रदेश नाम से अलग राज्य बनाने की घोषणा करनी पड़ी। इस प्रकार आंध्रप्रदेश भाषा के आधार पर गठित पहला राज्य बना।

राज्य पुनर्गठन आयोग(Rashtra Nirman Ki Chunautiyan)

⇒1953 में केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय के भूतपूर्व न्यायधीश फजल अली की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन किया। इस आयोग की मुख्य सिफारिशें निम्नलिखित थी:

  1. त्रिस्तरीय राज्य प्रणाली को समाप्त किया जाये।
  2. केवल तीन केन्द्रशासित क्षेत्रों (अंडमान और निकोबार, दिल्ली, मणिपुर) को छोड़कर बाकि के केन्द्रशासित क्षेत्रों को उनके नजदीकी राज्यों में मिला दिया जाए।
  3. राज्यों की सीमा का निर्धारण वहाँ पर बोली जाने वाली भाष होनी जाहिए।

⇒राज्य पुनर्गठन आयोग अपनी रिपोर्ट 1955 में प्रस्तुत की तथा इसके आधार पर संसद में राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 पारित किया गया और देश को 14 राज्यों एवं 6 संघ शासित क्षेत्रों में बाँटा गया।

क्रं संख्या  मूल राज्य  नए राज्य बने  वर्ष 
1 बम्बई महाराष्ट्र, गुजरात  1960
2 असम नागालैण्ड 1963
3 वृहत पंजाब  हरियाणा, हिमांचल प्रदेश, पंजाब 1966
4 असम  मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा  1972
5 असम  मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश  1987
6 उत्तर प्रदेश  उत्तराखंड 2000
7 बिहार  झारखण्ड  2000
8 मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ 2000
9 आंध्रप्रदेश तेलंगाना 2014
10 गोवा    1987
11 सिक्किम    1975

⇒संघशासित क्षेत्र जो बाद में राज्य बने:- मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा और गोवा।


महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न-उत्तर 

1 कश्मीर के भारत में विलय पत्र पर किसने हस्ताक्षर किए?
(a) राजा हरीसिंह
(b) जवाहरलाल नेहरु 
(c) सरदार पटेल 
(d) महबूबा मुक्ति 

उत्तर- राजा हरीसिंह

2 राज्यों के पुनर्गठन आयोग का अध्यक्ष कौन था?
(a) गोविन्द वल्लभ पंथ 
(b) पंडित हृदयनाथ कंजरू
(c) न्यायमूर्ति फजल अली 
(d) सरदार पटेल 

उत्तर- न्यायमूर्ति फजल अली

3 राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार भारत में किस आधार पर राज्यों की गठन की गयी है?
(a) जनसँख्या 
(b) भाषा 
(c) धर्म 
(d) सामरिक महत्व

उत्तर- भाषा

4 भारतीय संविधान ने किस भाषा को राज्य भाषा का दर्जा दिया है?
(a) अंग्रेज़ी
(b) हिंदी 
(c) उर्दू 
(d) मराठी 

उत्तर- हिंदी

5 भाषाई आधार पर सबसे पहले किस राज्य का गठन हुआ था?
(a) मध्यप्रदेश
(b) आंध्रप्रदेश
(c) अरुणाचलप्रदेश 
(d) उत्तरप्रदेश

उत्तर- आंध्रप्रदेश

6 गोवा भारत संघ का राज्य किस वर्ष बना?
(a) 1950
(b) 1987
(c) 1965
(d) 1971

उत्तर- 1987

7 भारत में लौह पुरुष के नाम से कौन जाने जाते है?
(a) जवाहरलाल नेहरु 
(b) महात्मा गाँधी 
(c) सरदार बल्लभ भाई पटेल 
(d) लालबहादुर शास्त्री 

उत्तर- सरदार बल्लभ भाई पटेल 

8 भारत के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे?
(a) डॉ. राधाकृष्णन
(b) सरदार पटेल 
(c) जवाहरलाल नेहरु 
(d) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद 

उत्तर- डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

9 भारत का अंतिम गवर्नर जनरल कौन था?
(a) सी. आर. दास 
(b) लार्ड माउन्टबेटन
(c) सी. राजगोपालाचारी
(d) राजेंद्र प्रसाद 

उत्तर- लार्ड माउन्टबेटन

10 गोवा, दमन एवं द्वीप में से किस यूरोपीय राज्य का उपनिवेश था?
(a) फ़्रांस 
(b) इटली 
(c) पुर्तगाल 
(d) ब्रिटेन 

उत्तर- पुर्तगाल 

11 किसने ‘द्विराष्ट्र सिद्धांत’ का प्रतिपादन किया था?
(a) नेहरु ने 
(b) गाँधी ने 
(c) जिन्ना ने 
(d) पटेल ने 

उत्तर- जिन्ना ने

12 ताशकंद समझौता किस वर्ष हुआ था?
(a) 1966 में 
(b) 1972 में 
(c) 1975 में 
(d) 2001 में 

उत्तर- 1966 में 

13 किस भाषा के आधार पर 1953 में आंध्रप्रदेश का गठन हुआ?
(a) मलयालम
(b) कन्नड़ 
(c) तेलुगु
(d) तमिल 

उत्तर- तेलुगु

14 शिमला समझौते पर भारत के किस प्रधानमंत्री ने हस्ताक्षर किए?
(a) लालबहादुर शास्त्री 
(b) जवाहरलाल नेहरु 
(c) ईंदिरा गाँधी 
(d) गुलजारीलाल नंदा 

उत्तर- ईंदिरा गाँधी 

15 संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे?
(a) डॉ. राजेंद्र प्रसाद 
(b) अम्बेडकर
(c) डॉ. राधाकृष्णन
(d) सी. राजगोपालाचारी

उत्तर- डॉ. राजेंद्र प्रसाद 

16 संविधान प्रारुप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
(a) डॉ. राजेंद्र प्रसाद 
(b) डॉ. राधाकृष्णन
(c) डॉ. अम्बेडकर
(d) के. एम्. मुशी 

उत्तर- डॉ. अम्बेडकर

17 भाषा के आधार पर बनने वाला पहला राज्य कौन-सा है?
(a) मध्यप्रदेश
(b) आंध्रप्रदेश
(c) उत्तरप्रदेश
(d) अरुणाचलप्रदेश 

उत्तर- आंध्रप्रदेश

18 राज्य पुनर्गठन आयोग की स्थापना किस वर्ष हुयी?
(a) 1953
(b) 1955
(c) 1956
(d) 1957

उत्तर- 1953

19 भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति कौन थे?
(a) डॉ. शंकर दयाल शर्मा 
(b) डॉ. जाकिर हुसैन 
(c) डॉ. एस. राधाकृष्णन
(d) वी. वी. गिरि

उत्तर- डॉ. एस. राधाकृष्णन

20 भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे?
(a) डॉ. राजेंद्र प्रसाद 
(b) सरदार पटेल 
(c) पं. जवाहरलाल नेहरु 
(d) डॉ. अम्बेडकर

उत्तर- पं. जवाहरलाल नेहरु 

21 मुस्लिम लीग की स्थापना कब हुयी थी?
(a) 1909
(b) 1908
(c) 1906
(d) 1905

उत्तर- 1906

22 भारतीय संविधान के किस भाग को संविधान की आत्मा कहा जाता है?
(a) प्रस्तावना 
(b) मौलिक अधिकार 
(c) निर्देशक सिद्धांत 
(d) विदेश निति 

उत्तर- प्रस्तावना 

23 निम्नलिखित में से कौन-सा राज्यौत्तर-पूर्वी भारत की सात बहनों में शामिल नहीं है?
(a) मेघालय 
(b) मुजोरम 
(c) नागालैण्ड
(d) उत्तराखंड

उत्तर- उत्तराखंड


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