मानव विकाश (Manav vikash) भूगोल कक्षा 12

मानव विकाश: Manav vikash: इस आर्टिकल में कक्षा 12 के भूगोल विषय के अध्याय 4 के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर दिए गए है। ये सभी प्रश्न उत्तर 12 कक्षा की वार्षिक परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण है। ये सभी प्रश्न उत्तर NCERT की पाठ्यपुस्तक से लिए गए है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

Q.1. मानव विकास को परिभाषित करें
Ans: मानव विकाश, स्वस्थय, भौतिक पर्यावरण से लेकर आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्वतंत्रता तक सभी प्रकार के मानव विकल्पों को सम्मिलित करते हुए लोगों के विकल्पों में विस्तार और उनके शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सशक्तिकरण के अवसरों में वृद्धि।की प्रक्रिया है।

Q.2. मानव विकास के तीन आधारों का विवरण प्रस्तुत करें।
Ans: मानव विकास के मापन के प्रमुख आधार है- दीर्घजीविता, ज्ञान और समृद्धि या उच्च जीवन स्तर का होना।
इन तीनों आकांक्षाओं को मापने से ही विकास का स्तर पता चलता है कि कौन किस स्तर तक विकसित है।इन्हें मापने के लिए उन्हीं के संकेतक चुने गए हैं।जैसे दीर्घजीविता का संकेतक जीवन प्रत्याशा को माना गया।इससे ज्ञात होता है कि आप कितने स्वस्थ्य हैं।ज्ञान के लिए साक्षरता को, सूचक माना गया है और उच्च जीवन स्तर के लिए प्रति व्यक्ति आय का अधिक होना आवश्यक है।

Q.3. मानव विकास अवधारणा के अंतर्गत समता और सतत पोषणीयता से आप क्या समझते हैं?
Ans: समता: समता का आशय प्रत्येक व्यक्ति को उपलब्ध अवसरों के लिए समान पहुँच की व्यवस्था करना है।उपलब्ध अवसर लिंग, पप्रजाति आय और जाति के भेदभाव के विचार के बिना समान होनी चाहिए।
सतत पोषणीयता: सतत पोषण यथा का अर्थ है अवसरों की उपलब्धता में निरंतरता। सतत पोषणीय मानव विकास के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक पीढ़ी को समान अवसर मिले। समस्त पर्यावरणीय, वित्तीय एवं मानव संसाधनों का उपयोग भविष्य को ध्यान में रखकर करना चाहिए।इन संसाधनों में से किसी भी एक का दुरुपयोग भावी पीढ़ियों के लिए अवसरों को कम करेगा। आय और जाति के भेदभाव के विचार के बिना समान होनी चाहिए।

Q.4. साक्षरता से आप क्या समझते हैं?
Ans: साक्षरता का अर्थ है पढ़ने और लिखने की क्षमता का होना। साक्षर का शाब्दिक अर्थ है अक्षरों का ज्ञान होना। साक्षर व्यक्ति से अपेक्षा होती है कि वह उसकी भाषा में लिखी हुई इस सरल विषयवस्तु को पढ़कर समझें और लिखित रूप में अपनी बात को प्रस्तुत कर सकें।

Q.5. मानव विकास और आर्थिक विकास में अंतर स्पष्ट करें।
Ans: आर्थिक विकास: आर्थिक विकास का संबंध मुख्य रूप से व्यक्ति की आय में वृद्धि से है। विकास की इस प्रक्रिया में आए वृद्धि के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जाता है।
मानव विकास: मानव विकास का उद्देश्य आर्थिक विकास सहित सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विकास को सुनिश्चित करना है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

Q.6. मानव विकास शब्द से आपका क्या अभिप्राय है? विस्तार विवरण दें।
Ans: मानव विकास की अवधारणा का प्रतिपादन डॉ महबूब उल हक के द्वारा किया गया था। इस अवधारणा में सभी प्रकार के विकास का केंद्र बिंदु मनुष्य है। मानव विकास ऐसा विकास है जो लोगों के जीवन में विकल्पों में वृद्धि करता है और उनके जीवन में सुधार लाता है। मानव विकास का मूल उद्देश्य ऐसी दशाओं को उत्पन्न करना है जिनमें लोग सार्थक जीवन व्यतीत कर सकते हैं।
दीर्घ एवं स्वस्थय जीवन जीना, ज्ञान प्राप्त कर पाना तथा एक श्रेष्ठ जीवन जीने के पर्याप्त साधनों का होना मानव विकास के सर्वाधिक महत्वपूर्ण पक्ष है। मानव विकाश का विचार समता, सतत पोषणीयता, उत्पादकता और सशक्तिकरण की संकल्पनाओं पर आश्रित हैं। इसका अर्थ है कि लोग सवस्थ हो, अपने विवेक और बुद्धि का विकास कर सकते हैं। वे समाज में प्रतिभागिता करें और अपने उद्देश्यों को पूरा करने में स्वतंत्र हो।

Q.7. मानव विकास सूचकांक क्या है?
Ans: मानव विकास के स्तर के मापन के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के द्वारा विभिन्न तत्वों को लेकर एक सामान्य सूचकांक बनाया गया है जिससे मानव विकास सूचकांक के नाम से जाना जाता है। इस सूचकांक में शिक्षा, जीवन स्तर तथा जीवन प्रत्याशा को सम्मिलित किया गया।
भारत में 2001 में मानव विकास को अभिव्यक्त करने के लिए उपयुक्त सूचकांकों का प्रयोग किया गया। स्त्रियों की स्थिती को दर्शाने के लिए लिंग समानता सूचकांक तथा वंचित वर्गों की स्थिती को दर्शाने के लिए मानव निर्धनता सूचकांक का प्रयोग किया गया।
इस प्रकार मानव विकास सूचकांक में निम्नलिखित संकेतक सम्मिलित है:

  1. स्वास्थ्य संकेतक: जन्मदर मृत्युदर, पोषण तथा जीवन प्रत्याशा।
  2. सामाजिक संकेतक: साक्षरता , छात्र अध्यापक अनुपात, स्कूली बच्चों का नामांकन।
  3. आर्थिक संकेतक: आय और रोजगार का स्तर।

Q.8. मानव विकास क्यों आवश्यक है?
Ans: निम्नलिखित कारणों से मानव विकास आवश्यक है:

  • विकास अत्यावश्यक है ताकि लोगों को श्रेष्ठ जीवन स्तर उपलब्ध करवाया जा सके। अपनी आज़ादी का लाभ उठाने तथा अपने जीवन को समृद्ध बनाने के लिए लोगों के पास अधिकार एक अवसर होने चाहिए।
  • विकास उच्चतर उत्पादकता के प्राप्ति में सहायक होता है। जब लोग स्वास्थ्य अच्छा व खुशहाल जीवन जीते हैं तथा उच्च शिक्षित व विभिन्न तकनीको में दक्ष हो जाते हैं तो वह उत्पादकता प्राप्त करने में अति महत्वपूर्ण परिसंपत्ति सिद्ध होते हैं।
  • आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक विकास के द्वारा जनसंख्या की वृद्धि दर को नियंत्रित किया जा सकता है।
  • मानव विकास के होने से लोगों को विकास के पर्याप्त अवसर मिलते हैं जो कि गरीबी को हटाने में सहायक होते हैं। मानव विकाश पर्यावरण हितैषी भी होता है।
  • गरीब तथा अमीर के बीच के अंतर या भेदभाव को समाप्त करे या कम करने के लिए भी मानव विकास आवश्यक होता है। यह स्वास्थ्य नागरिक समाज की स्थापना कर सामाजिक स्थिरता स्थापित करता है।

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