विश्व जनसंख्या वितरण घनत्व तथा वृद्धि

विश्व जनसंख्या: वितरण, घनत्व तथा वृद्धि: इस आर्टिकल में कक्षा 12 के भूगोल विषय के दूसरे अध्याय के सभी महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर दिए है। ये सभी प्रश्न उत्तर 12 वी कक्षा की वार्षिक परीक्षा के लिए उपयोगी है।

2 अंक स्तरीय प्रश्न उत्तर

Q.1. पिगमी कौन है? इनका निवास स्थान कहाँ है?
Ans: मानव विज्ञानिकों के अनुसार वे सभी मानव समूह पिगमी है जो सदस्य वयस्क होने के बावजूद जिनकी ऊंचाई 150cm से काम है। मध्य अफ्रीकी देशों में इस प्रकार की जनजाति अधिक पाई जाती है।

Q.2. जनसंख्या घनत्व किसे कहते है?
Ans: किसी भोगोलिक क्षेत्र में प्रति इकाई क्षेत्रफल में निवास करने वाले व्यक्तियों की संख्या को जनसंख्या घनत्व के नाम से जाना जाता है। यह किसी भोगोलिक क्षेत्र में जनसंख्या के वितरण के अध्ययन की विधि है।

Q.3. ” जनसंख्या की वृद्धि” पद की परिभाषा दीजिए।
Ans: जनसंख्या वृद्धि से अभिप्राय किसी क्षेत्र में किसी समय की निश्चित अवधि के दौरान बसे हुए लोगों की जनसंख्या में परिवर्तन से है। दूसरे शब्दों में, जब किसी क्षेत्र में बसे हुए लोगों की संख्या बढ़ती है तो उसे जनसंखया वृद्धि के नाम से जाना जाता है।

Q.4. जनसंखया परिवर्तन के तीन घटकों के नाम बताए ?
Ans: जनसंख्या परिवर्तन के तीन प्रमुख घटक निम्नलिखित है:

  1. जन्म दर: जन्म दर से किसी भी क्षेत्र की जनसंख्या में परिवर्तन होता है। जन्म दर जनसंख्या परिवर्तन का एक प्रमुख घटक है।
  2. मृत्यु दर: मृत्यु दर किसी भी क्षेत्र में जनसंख्या परिवर्तन का दूसरा प्रमुख घटक है।
  3. प्रवास: प्रवास भी जनसंख्या परिवर्तन को पप्रभावित करता है। जब कुछ लोग किसी एक विशेष क्षेत्र को छोड़कर दूसरे क्षेत्र में जाकर बस्ते है तो उस क्षेत्र की जनसंख्या काम तथा जिस क्षेत्र में पलायन किया गया है उस क्षेत्र की जनसंख्या अधिक हो जाती है।

Q.5. जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण के क्या उपाय है?
Ans: जनसंख्या वृद्धि में नियंत्रण रखने के उपाय निम्नलिखित है:
a) परिवार नियोजन: जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण का एक प्रमुख उपाय परिवार नियोजन करना है। परिवार नियोजन का तात्पर्य है की बच्चों की समुचित पालन पोषण तथा शिक्षा को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त समय पर और एक आदर्श संख्या है संतानों को जन्म दिया जाए।
b) प्रचार, जन-जागरूकता: जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण का दूसरा उपाय है जनसंख्या नियंत्रण का प्रचार, तथा जन जागरूकता फैलाना।

3 अंक स्तरीय प्रश्न उत्तर

Q.6. विश्व में जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले तीन मुख्य आर्थिक कारकों को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
Ans: 1.खनिज: खनिज निक्षेप उधयोग को आकर्षित करते है। खनन और उधोगिक गतिविधिया रोजगार उत्पन्न करती है। कुशल और अर्ध कुशल कर्मी इस क्षेत्र में पहुचते है तथा उन क्षेत्रों को सघन जनसंख्या वाला बना देते है।
2. नगरीकरण: नगर रोजगार के बेहतर अवसर, शेकक्षणिक व चिकित्सा संबंधी सुविधाये तथा परिवहन और संचार के बेहतर साधन प्रस्तुत करते है। नगरीय जीवन का आकर्षण लोगों को नगरों की और खींचता है।
औधोगिकरण: ओढ़ोगिक पेटिया रोजगार के अवसर उपलब्ध कराती है और यही बड़ी जनसंख्या में लोगों को आकर्षित करती है।

Q.7. किसी भी देश की जनसंख्या के तीव्र गति से बढ़ने पर वहा के आर्थिक विकास पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Ans: जनसंख्या वृद्धि का देश के आर्थिक व्यवस्था पर नाकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ये प्रभाव निम्नलिखित क्षेत्र में देखे जा सकते है: खाद्यान की समस्या , आवास की समस्या, बेरोजगारी, निम्न जीवन स्तर, जनसंख्या का कृषि पर दबाव, बचत में कमी, बचत में कमी, सावस्थी सुविधाओ पर प्रभाव, आदि।

Q.8. जनसंख्या वृद्धि एवं हराश के परिणामों को समझाए।
Ans: जनसंख्या में वृद्धि एवं कमी के महत्वपूर्ण परिणाम निम्नलिखित है:

  • जनसंख्या में वृद्धि एवं कमी सामाजिक संरचना में परिवर्तन का कारण बनते है
  • जनसंख्या हराश संसाधनों के अल्प प्रयोग को दर्शाता है
  • जनसंख्या में वृद्धि संसाधनों के पूर्ण प्रयोग को दर्शाता है
  • जनसंख्या में वृद्धि संसाधनों में कमी निम्न जीवन स्तर गंदी बस्तियों की अधिकता आदि समस्या को जन्म देती है।

Q.9. विश्व जनसंख्या के तीव्र गति से बढ़ने के क्या कारण है?
Ans: विश्व जनसंख्या के तीव्र गति से बढ़ने के निम्नलिखित कारण है:

  • स्वास्थ्य सेवाओ में तेजी से विकास हुई है
  • स्वास्थ्य सेवाओ में वृद्धि के कारण मृत्यु दर में कमी हुई है
  • उत्पादन स्तर में कमी के कारण विशाल जनसंख्या का भरण पोषण संभव हुआ है
  • वेगयानिक और तकनीकी विकास के कारण उद्योगीकरण हुआ जिसने मानव-जनसंख्या को बढ़ने का अवसर और मार्ग प्रदान किया।

Q.10. जन सानखिकीय के पाँच प्रकार कौन से है?
Ans: जन सानखिकीय जनसंख्या में परिवर्तन और परिवर्तन के कारणों पर प्रभाव डालता है। जन सानखिकीय के पाँच प्रकार निम्न है:

  • आदिकालीन जनांकिय अवधि: यह अवस्था उच्च जन्म दर तथा उच्च मृत्यु दर दर्शाती है।
  • संक्रमणशील जनांकिय अवधि: यह अवस्था उच्च तथा निम्न मृत्यु दर से संबंधित है।
  • परवर्ती संक्रमणशील जनांकिय अवधि: यह अवस्था घटती जन्म दर तथा निम्न मृत्यु दर को दर्शाती है।
  • परिपक्क जनांकिय अवस्था: यह अवस्था निम्न जन्म दर तथा उच्च मृत्यु दर को दर्शाती है।
  • शून्य वृद्धि की अवधि: यह अवस्थ में जन्म दर जन्म दर तथा मृत्यु दर समान होती है।

7 अंक स्तरीय प्रश्न

Q.11. विश्व में जनसंख्या वितरण और घनत्व को प्रभावित करने वाले भौतिक कारणों की विवेचना करे।
Ans: जनसंख्या वितरण का तात्पर्य यह जानना है की मानव की प्रत्येक इकाई कहाँ कहाँ निवास कर रही है तथा घनत्व का तात्पर्य है मानव का भूमि के संदर्भ में अनुपात। इन दोनों तथ्यों को प्रभावित करने वाले भौतिक कारण निम्नलिखित है:

  1. च्चवाचन: धरातल की बनावट के अनुसार मानव का वितरण और घनत्व बदलता है। पहाड़ी क्षेत्र में घनत्व कमpपठारी में काम,और मैदानी में भागों में काम होती है क्युकी उचवाचन के अनुसार सुविधाओ में तथा संसाधनों की में ककमी बेसी होती है।
  2. जल की उपलब्धता: जल जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कारक है। लोग इन्ही क्षेत्रों में बस्ने की प्राथमिकता देते है जहा जल आसानी से मिलता है। यही कारण है की विश्व में सबसे घने भासे हुए क्षेत्र है।
  3. जलवायु: विषम जलवायु में मानव नहीं रह सकता किन्तु सम जलवायु में वह आराम से रह लेता है अतः जलवायु के कारण भी घनत्व प्रभावित होता है।
  4. मिट्टी: मिट्टी की उर्वरता अलग अलग स्थानों पर अलग अलग होती है। नदी घाटी प्रदेश की मिट्टी उर्वर होती है अतः यहाँ घनत्व अधिक होता है कबकी बंजर भूमि वाले क्षेत्रों में घनत्व काम होता है।
  5. खनिज: जहां खनिज पाए जाते है वहाँ औद्योगिक वृद्धि होती है। झारखंड पठारी क्षेत्र में होते हुए भी खनिज की बहुलता के कारण अधिक घनत्व वाला क्षेत्र होता जा रहा है।

Q.12. जनसंख्या घनत्व एवं वितरण को कौन-कौन से कार्य प्रभावित करते हैं?
Ans: विश्व के विभिन्न भागों में जनसंख्या के वितरण एवं घनत्व को प्रभावित करने वाले तत्व निम्नलिखित हैं:
1. भौगोलिक कारक: इसके अंतर्गत उच्चवचन, जलवायु, मृदा, प्राकृतिक वनस्पति, जल संसाधन, खनिज संसाधन आदि को सम्मिलित किया जाता है. सामान्य रूप से, उपजाऊ मैदान तथा जलवायु क्षेत्र में जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है जबकि कम उपजाऊ क्षेत्र तथा विषम जलवायु क्षेत्र में जनसंख्या का घनत्व कम होता है।
2. सांस्कृतिक कारक: संस्कृति जनसंख्या वितरण को गंभीर रूप से प्रभावित करती है. समान संस्कृति वाले क्षेत्र अर्थात समान भाषा, धर्म, विश्वास आदि वाले क्षेत्र में जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है।
3. आर्थिक कारक: इसके अंतर्गत बेरोजगारी, उत्पादन, वितरण आदि को सम्मिलित किया जाता है. विकसित रोजगार एवं उत्पादन वाले क्षेत्र में जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है जबकि अल्प रोजगार या बेरोजगार तथा कम उत्पादन वाले क्षेत्र में जनसंख्या का घनत्व कम होता है।
4. राजनीतिक कारक: राजनीतिक अस्थिरता और इससे उत्पन्न युद्ध या युद्ध की स्थिति के कारण भी जनसंख्या का वितरण प्रभावित होता है. राजनीतिक स्थिरता वाले क्षेत्र में जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है जबकि युद्ध संभावित क्षेत्रों में जनसंख्या का घनत्व कम होता है।

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